अल्लाह कैसा है कुरआनपाकमें

55 हदीसों में यह प्रमाण मिलता है कि बाबा आदम से लेकर हजरत मूसा तक, इब्राहिम से लेकर हज़रत मुहम्मद तक वह कादर अल्लाह ही अल-खिद्र (खिज्र) के रूप में आकर मिला। उसकी उम्र हमेशा एकसमान रहती है। उसके हाथों में हड्डियां नहीं हैं। Lataif al-minan (1:84-98) में जिक्र है कि अल-ख़िद्र आज भी जिन्दा है। इससे सिद्ध हुआ अल्लाह साकार है। वही अल खिद्र के रूप में बाबा आदम से लेकर हज़रत मूसा, हज़रत इब्राहिम से लेकर हज़रत मुहम्मद तक सबको जिन्दा महात्मा के रूप में आकर मिला। अल्लाह का दीदार होता है। अल्लाह कैसा है कुरआनपाकमें
एक तरफ तो मुस्लिम भाई अल्लाह को निराकार बताते हैं। दूसरी ओर कहते हैं जन्नत में अल्लाह का चेहरा देखेंगे। वास्तविकता यह है कि अल्लाह साकार है। अल्लाह को देख सकते हैं, वह सर्वव्यापक है। प्रमाण – सूरा अल-बक़रा 2 आयत 115 अल्लाह को बेचून कहना अल्लाह का निरादर करना है। हम सभी को इतना सुंदर मानव रूप देने वाला अल्लाह निराकार क्यों रहेगा ? जबकि सभी पवित्र धर्म ग्रंथों में स्पष्ट है कि अल्लाह ने मनुष्य को अपने ही रूप में बनाया, फिर अल्लाह निराकार कैसे हुआ ? ज्ञानहीन व्यक्ति ही अल्लाह को निराकार कहेंगे। जो व्यक्ति पवित्र कुरान शरीफ सूरत फुर्कानि 25 आयत नंबर 59 में साकार अल्लाह का प्रमाण देख कर भी अल्लाह को बेचून कहते हैं तो वह ज्ञानहीन ही हैं। क्योंकि प्रमाण देख कर सत्य स्वीकार न करना ज्ञानहीनता का ही परिचायक है। पवित्र कुरान शरीफ ने साबित करती है कि सम्पूर्ण कायनात की रचना करने वाला अल्लाह साकार है। पवित्र कुरान शरीफ सूरत फुर्कानि 25 आयत 59 स्पष्ट करती है कि 6 दिन में कायनात की रचना करने वाला अल्लाह सातवें दिन तख्त पर जा विराजा। इससे अल्लाह के साकार होने का प्रमाण है। अल्लाह कैसा है कुरआनपाकमें

खोजत खोजत थाकिया, अंत कहा बेचून।” लोगों ने अल्लाह को खोजने के लिए कई अनुष्ठान किए और समाधि लगाई। कामयाबी ना मिलने पर आखिर में थक हार कर ये निष्कर्ष निकाल दिया कि भगवान निराकार है, जबकि सच्चाई यह है कि अल्लाह साकार है, उसे देखा जा सकता है। (प्रमाण सूरह अल-फुरकान 25:59) शेख फरीद जी अल्लाह को निराकार मानते थे और अल्लाह के दीदार करने के लिए कुएं में उल्टे लटके हुए थे। बाद में शेख फरीद जी ने जिंदा महात्मा की कृपा से वास्तविक अल्लाह का दीदार किया। अल्लाह साकार है। मुसलमान धर्म के पवित्र शास्त्र प्रमाणित करते हैं कि सर्व सृष्टी रचनहार सर्व पाप विनाशक, सर्वb शक्तिमान, अविनाशी परमात्मा मानव सदृश सशरीर आकार में है तथा सत्यलोक में रहता है। उसका नाम अल्लाह कबीर है। अल्लाह कैसा है कुरआनपाकमें
अब्राहिम सुल्तान भी अल्लाह को निराकार मानकर अपना अनमोल मानव जीवन नाश कर रहा था। भिन्न भिन्न रूपों में प्रकट होकर अल्लाह ने बादशाह सुल्तान को सतभक्ति से परिचित करवाया और नानक जी, दादू जी व गरीब दास जी महाराज की तरह अमर लोक का वासी बनाया। अल्लाह ही स्वयं बाख़बर रूप में आता है। “गरीब, अर्श कुर्स पर अल्लह तख्त है, खालिक बिन नहीं खाली।”अल्लाह अकबर(अल्लाह कबीर) सबसे ऊपर अविनाशी स्थान पर रहता है। वह मनुष्य जैसा साकार है। मनुष्य (जिन्दा महात्मा) रूप में सशरीर वहाँ से उतरता है और अपनी पुण्य आत्माओं को अपना सही ज्ञान बताता है। वो अल्लाहु अकबर, वह महान भगवान, वह सर्वशक्तिमान स्वयं आता है, अपने संसार की रचना के बारे में बताता है। वर्तमान में बाख़बर संत रामपाल जी महाराज जी हैं जो अल्लाह की सम्पूर्ण जानकारी दे रहे हैं। अल्लाह निराकार नहीं साकार है। अल्लाह कैसा है कुरआनपाकमें
आसमानी किताब तौरेत के “पैदाइश” 1:26, 27 में लिखा है कि परमात्मा (अल्लाह/खुदा) ने मनुष्यों को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया। इसका मतलब है कि परमात्मा/अल्लाह भी मनुष्य की तरह साकार है। अल्लाह बेचून नहीं। मुसलमानों का मानना है कि ‘खान-ए-काबा’ अल्लाह का घर है और अल्लाह वहां बैठा है, इसके बावजूद वे कहते हैं कि अल्लाह बेचून है और उसका ज्ञान हर जगह है। उसकी शक्ति सर्वत्र है। उसका अधिकार हर जगह है। वह सर्वव्यापी है। मृत्यु के बाद जब वे स्वर्ग जाएंगे तो इंशाल्लाह (ईश्वर ने चाहा तो) वे अल्लाहु अकबर का चेहरा देखेंगे। जिस अल्लाह का चेहरा देखा जा सकता है वह निराकार कैसे हो सकता है ? अल्लाह ही मुर्शिद रूप में आता है, वह साकार है। सुरत फुर्कानि 25 आयत 59- अल्ल्जी खलकस्समावाति वल्अर्ज व मा बैनहुमा फी सित्तति अय्यामिन् सुम्मस्तवा अलल्अर्शि अर्रह्मानु फस्अल् बिही खबीरन्(कबीरन्) अल्लाह कबीर ने छः दिन में सृष्टि की रचना की तथा सातवें दिन तख्त पर जा विराजा। तख्त पर विराजने वाला अल्लाह साकार सिद्ध हुआ। अल्लाह कैसा है कुरआनपाकमें
उम्मीद करता हूं दोस्तों अल्लाह हू अकबर के बारे में यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित हुई होगी जीव हमारी जाति है मानव धर्म हमारा हिंदू मुस्लिम सिख ईसई धर्म नहीं कोई न्यारा दोस्तों अगर यह पोस्ट आपको पसंद आई है तो कृपया लाइक कमेंट शेयर जरूर करें ऐसी और भी बहुत सारी जानकारी पढ़ने के लिए आप हमारी वेबसाइट विजिट कर सकते हैं अथवा नीचे दी गई समरी पर भी क्लिक कर सकते हैं धन्यवाद विस्तार से जानने के लिए पढ़िए पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा उर्दू