चोर और बहरूपी राक्षस की कहानी

चोर और बहरूपी राक्षस की कहानी

एक खूबसूरत राज्य में एक राजकुमारी रहती थी। राजकुमारी को एक जादुई घेरे के बीच में सुरक्षित रखा गया था। एक रात, एक राक्षस राजकुमारी को लेने आया पर सुरक्षा चक्र की वजह से विफल हो गया। राजकुमारी को किसी के आने का आभास होने लगा और उसने अपनी दासी से कहा, “यहां हर रात एक राक्षस आता है। मुझे उससे बहुत डर लगता है। मैं उसे कैसे भगाऊं।” चोर और बहरूपी राक्षस की कहानी

राक्षस ने उसकी बात सुन ली और सोचा, “राजकुमारी जरूर किसी दूसरे राक्षस की बात कर रही है। मुझे अपना रूप बदलकर पहले उससे छुटकारा पाना चाहिए । “

अगले दिन उसने घोड़े का रूप लिया और शाही अस्तबल में घुस गया। रात को एक चोर अस्तबल में आया। राक्षस को लगा कि यह चोर ही दूसरा राक्षस है। चोर और बहरूपी राक्षस की कहानी चोर और बहरूपी राक्षस की कहानी

चोर ने उसके ऊपर बैठकर उसे दौड़ने का ईशारा किया। घोड़ा इतनी तेज दौड़ा 4 कि चोर के काबू से बाहर हो गया। चोर को समझ आ गया कि यह कोई घोड़ा नहीं, बल्कि घोड़े के रूप में कोई राक्षस है।

घोड़े को रोकने की कोशिश नाकाम होते देख उसने घोड़े से कूदने की सोची। जब घोड़ा भागते-भागते बरगद के पेड़ के नीचे से गुजरा, चोर पेड़ की शाखा पकड़कर लटक गया। घोड़ा दौड़ता हुआ आगे निकल गया। चोर और बहरूपी राक्षस की कहानी

तभी पेड़ पर बैठा बंदर चिल्लाया, “तुम इससे डर क्यों रहे हो? यह तो एक मामूली आदमी है। मार दो इसे।”

राक्षस अपने वास्तविक रूप में आ गया और पेड़ के नीचे खड़ा हो गया। वहां उसने देखा की चोर बंदर की पूंछ पकड़ कर उसे पीट रहा है। बंदर चिल्ला रहा है। राक्षस को बंदर की बात पर यकीन नहीं हुआ और बोला, “ऐ बंदर, तुम झूठ इसलिए बोल रहे हो क्योंकि इस दैत्य ने तुम्हें पकड़ रखा है। मैं तुम्हारी कोई सहायता नहीं कर सकता।” राक्षस चला गया। चोर लगातार बंदर को पीटता रहा। बंदर को अपनी हरकत पर पछतावा हो रहा था। चोर और बहरूपी राक्षस की कहानी

नैतिक शिक्षा :-

बिना वजह दूसरों के मामले में दखल नहीं देना चाहिए। 

प्रिय मित्रों मुझे उम्मीद है कि यह पंचतन्त्र की कहानी आपको पसंद आई होगी अगर यह कहानी आपको पसंद आई है तो कृपया लाइक करें कमेंट करें एवं अपने प्रिय मित्रों में शेयर जरूर करें साथ ही साथ आप अगर पंचतंत्र की और भी कोई कहानियां पढ़ने की इच्छुक है तो कृपया नीचे दिए गए समरी पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं। धन्यवाद!🙏🏻

पंचतन्त्र की कहानियाँ

1. पंचतन्त्र की रचना कैसे हुई 2. नटखट बंदर 3. सियार और ढोल 4. मूर्ख साधु 5. भेड़िया और दो भेड़ 6. कौवे और सांप 7. चालाक खरगोश। 8. नीला सियार 9. भोला ऊंट 10. शेर और बढ़ई 11. चूहा और साधु 12. लालची सियार 13. मूर्ख बंदर 14. शिक्षा का महत्त्व 15. मूर्ख दोस्त•• 16. दो सिर वाली चिड़िया • • 17. सौदा • • 18. दुर्भाग्यशाली बुनकर 19. बैल और लालची सियार • • 20. कबूतर और बहेलिया • • 21. शेर और बैल • 22. बगुला और केकड़ा•• 23. लापरवाह कछुआ. 24. तीन मछलियां.. 25. लोमड़ी और बूढ़ा शेर•• 26. ईर्ष्यालु गधा • • 27. भेड़िया और कुत्ता•• 28. जूं और खटमल • 29. गौरैया और हाथी की लड़ाई • • 30. धूर्त सियार • • 31. शाही नौकर और व्यापारी • • 32. चूहा और तराजू•• 33. भेड़िया और सारस 34. सारस और लोमड़ी • • 35. कछुआ और खरगोश•• 36. चींटी और कबूतर • • 37. अकृतज्ञ मनुष्य.. 38. हंस और उल्लू • • 39. समझदार हंस•• 40. शेर और भेड़ • • 41. धर्मबुद्धि और पापबुद्धि.. 42. चिडिया और बंदर•• 43. इन्द्रदेव का तोता •• 44. मूर्ख सारस •• 45. चोर का बलिदान •• 46. चार दोस्त और शिकारी • • 47. समुद्र और पक्षी के अंडे • 48. चरवाहा और भेड़िया 49. दो यात्री और भालू • • 50. शेर का हिस्सा •• ●● 51. लालच बुरी बला • 52. खट्टे अंगूर•• 53. संगीतकार गधा 54. राक्षस और ब्राह्मण •• 55. ऊंट की घंटी•• 56. बाघ और यात्री •• 57. सियार ने हाथी को कैसे खाया • 58. मूर्ख गधा और शेर • • 59. बकरी और लोमड़ी•• 60. बत्तख और सोने के अंडे • • 61. ब्राह्मण और नाग • 62. अहंकारी हंस •• 63. त्याग .. 64. बूढ़ा आदमी और उसकी पत्नी 65. चुहिया की शादी•• 66. ब्राह्मण, चोर और राक्षस • • 67. ब्राह्मण का सपना•• 68. •• राजा और कुम्हार 69  नन्हा सियार• 70. चोर और बहरूपी राक्षस•• 71. पक्षियों का राजा•• 72. हाथी और खरगोश•• 73. धूर्त बिल्ला•• 74. नाग और चींटी•• 75. चूहा और हाथी • • 76. पंडित की बकरी•• 77. सोने की बीट देने वाला पक्षी • • 78. बोलने वाली गुफा •• 79. मूर्ख मेंढक•• 80. दो सांप•• 81. कौवों और उल्लुओं का युद्ध • • 82. बंदर और मगरमच्छ•• 83. शेर की खाल • 84. कुत्ते की शहर यात्रा •• 85. वफादार नेवला.. 86. मूर्ख नाई•• 87. शेर और चार बैल • • 88. अंधा गिद्ध और बिल्ली • • 89. बैल और बकरी•• 90. लालची कुत्ता•• 91. मूर्ख मेंढक और सांप • • 92. चार ब्राह्मण●● 93.राजा के बंदर • • 94. सियार और हाथी.. 95. कुत्ता और गधा •• 96. शेर बिल्ली और चूहा • • 97. बंदर और घंटी.. 98. लोमड़ी और कौवा • • 9 9. बंदर और बिल्लियां.. 100. प्यासा कौआ • • 101. शेर और चूहा • •

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *