चोर का बलिदान कहानी

चोर का बलिदान कहानी

एक चोर को पता चला कि तीन अमीर ब्राह्मण एक शहर से दूसरे शहर यात्रा कर रहे है । वह वेष बदलकर उनसे मिला और उनके साथ यात्रा में शामिल हो गया। वक्त के साथ उसने उनका विश्वास जीत लिया। चारों ब्राह्मण उसे अपने साथ दूसरे शहर ले चलने के लिए राजी हो गए। अपने धन से उन्होंने कुछ रत्न खरीदे। अपनी जाघों को काटकर उन्होंने रत्नों को वहां छिपा लिया ताकि रास्ते में कोई उन्हें चुरा ना ले। चोर को उनका यह राज़ पता था। उसने योजना बनाई कि वे उन चारों को जहर देकर मार देगा और फिर रत्नों को चुरा लेगा। जब वे लोग जंगल से गुजर रहे थे, कुछ आदिवासी आए और उन सभी को बंदी बना लिया और अपने सरदार के पास ले गए। चोर का बलिदान कहानी

आदिवासीयों के सरदार के कंधे पर एक कौवा बैठा था। सरदार बोला, “इनकी तलाशी लो!” आदिवासियों ने उनकी तलाशी ली पर उन्हें कुछ नहीं मिला। सरदार ने अपने कौवे की तरफ देखा। “इनके पास खजाना है!” कौवा चिल्लाया। चोर का बलिदान कहानी

ब्राह्मणों ने सरदार से मिन्नत की, “हम बहुत गरीब यात्री हैं जो एक शहर से दूसरे शहर रोजगार के लिए यात्रा करते हैं। हमारे पास कोई खजाना नहीं है । “

“मेरा कौवा कभी झूठ नहीं बोलता । तुम लोग झूठ बोल रहे हो। हो सकता है तुमने रत्न निगल लिए हों। हम तुम्हें मार देंगे और फिर तुम्हें चीर कर सारे रत्न निकाल लेंगे।’

चोर ने सोचा, “अगर ये लोग किसी भी ब्राह्मण को मारकर उसकी तलाशी लेंगे तो इन्हें रत्न मिल जाएगा और फिर ये मेरा यकीन नहीं करेंगे और मुझे भी मार देंगे। “ऐसा सोचकर वह आगे बढ़ा और सरदार से बोला, “तुम्हें हम पर यकीन नहीं तो मुझे मारकर देख लो। चोर का बलिदान कहानी

हम सभी को मारने से तुम्हें कोई फायदा नहीं होगा। “सरदार मान गया और उसने चोर को मार दिया। आदिवासियों को उसके शरीर में कुछ नहीं मिला। सरदार ने माफी मांगकर तीनों ब्राह्मणों को छोड़ दिया। चोर ने अपने प्राण की बली देकर ब्राह्मणों को बचा लिया। चोर का बलिदान कहानी

नैतिक शिक्षा :-

बेवकूफ दोस्त से समझदार दुश्मन अच्छा है। 

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पंचतन्त्र की कहानियाँ

1. पंचतन्त्र की रचना कैसे हुई 2. नटखट बंदर 3. सियार और ढोल 4. मूर्ख साधु 5. भेड़िया और दो भेड़ 6. कौवे और सांप 7. चालाक खरगोश। 8. नीला सियार 9. भोला ऊंट 10. शेर और बढ़ई 11. चूहा और साधु 12. लालची सियार 13. मूर्ख बंदर 14. शिक्षा का महत्त्व 15. मूर्ख दोस्त•• 16. दो सिर वाली चिड़िया • • 17. सौदा • • 18. दुर्भाग्यशाली बुनकर 19. बैल और लालची सियार • • 20. कबूतर और बहेलिया • • 21. शेर और बैल • 22. बगुला और केकड़ा•• 23. लापरवाह कछुआ. 24. तीन मछलियां.. 25. लोमड़ी और बूढ़ा शेर•• 26. ईर्ष्यालु गधा • • 27. भेड़िया और कुत्ता•• 28. जूं और खटमल • 29. गौरैया और हाथी की लड़ाई • • 30. धूर्त सियार • • 31. शाही नौकर और व्यापारी • • 32. चूहा और तराजू•• 33. भेड़िया और सारस 34. सारस और लोमड़ी • • 35. कछुआ और खरगोश•• 36. चींटी और कबूतर • • 37. अकृतज्ञ मनुष्य.. 38. हंस और उल्लू • • 39. समझदार हंस•• 40. शेर और भेड़ • • 41. धर्मबुद्धि और पापबुद्धि.. 42. चिडिया और बंदर•• 43. इन्द्रदेव का तोता •• 44. मूर्ख सारस •• 45. चोर का बलिदान •• 46. चार दोस्त और शिकारी • • 47. समुद्र और पक्षी के अंडे • 48. चरवाहा और भेड़िया 49. दो यात्री और भालू • • 50. शेर का हिस्सा •• ●● 51. लालच बुरी बला • 52. खट्टे अंगूर•• 53. संगीतकार गधा 54. राक्षस और ब्राह्मण •• 55. ऊंट की घंटी•• 56. बाघ और यात्री •• 57. सियार ने हाथी को कैसे खाया • 58. मूर्ख गधा और शेर • • 59. बकरी और लोमड़ी•• 60. बत्तख और सोने के अंडे • • 61. ब्राह्मण और नाग • 62. अहंकारी हंस •• 63. त्याग .. 64. बूढ़ा आदमी और उसकी पत्नी 65. चुहिया की शादी•• 66. ब्राह्मण, चोर और राक्षस • • 67. ब्राह्मण का सपना•• 68. •• राजा और कुम्हार 69  नन्हा सियार• 70. चोर और बहरूपी राक्षस•• 71. पक्षियों का राजा•• 72. हाथी और खरगोश•• 73. धूर्त बिल्ला•• 74. नाग और चींटी•• 75. चूहा और हाथी • • 76. पंडित की बकरी•• 77. सोने की बीट देने वाला पक्षी • • 78. बोलने वाली गुफा •• 79. मूर्ख मेंढक•• 80. दो सांप•• 81. कौवों और उल्लुओं का युद्ध • • 82. बंदर और मगरमच्छ•• 83. शेर की खाल • 84. कुत्ते की शहर यात्रा •• 85. वफादार नेवला.. 86. मूर्ख नाई•• 87. शेर और चार बैल • • 88. अंधा गिद्ध और बिल्ली • • 89. बैल और बकरी•• 90. लालची कुत्ता•• 91. मूर्ख मेंढक और सांप • • 92. चार ब्राह्मण●● 93.राजा के बंदर • • 94. सियार और हाथी.. 95. कुत्ता और गधा •• 96. शेर बिल्ली और चूहा • • 97. बंदर और घंटी.. 98. लोमड़ी और कौवा • • 9 9. बंदर और बिल्लियां.. 100. प्यासा कौआ • • 101. शेर और चूहा • •

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