ज्ञान करो निर्मोही भजन lyrics
( संत श्री चंदन सारी वाणी )
सन्तो भाई ज्ञान करे निर्मोही।
मन को मार भर्मना भांगो, काल न लागे कोई।।टेर।।
(1) पुण्य पाप दोय प्रकट दीखे, छोड़ दे ओ दुःखदाई ।
सीधी राह पकड़ले सहजा, छोड़ दे खार खटाई।।
(2) भर्म कर्म रा भाखर भांगो, पकड़ो ममता मांई।
ममता मार मेटनी सीखो, छोड़ो मान बड़ाई।।
(3) मन्शा (इच्छा) आप अपरबल कहीजे, जिनको जीते कोई।
जीता सोई ज्ञान से जीता, पूरी कीदी कमाई।।
(4) आपो मेट आपदा मेटो, सो मेरा है गुरूभाई।
चंदण सार चेतन रा दर्शन, पला ना पकड़े कोई।।
ज्ञान करो निर्मोही भजन lyrics