सच्चे संत के क्या लक्षण हैं वेदों में पूर्ण गुरु की पहचान क्या है

वेदों में पूर्ण गुरु की पहचान तथा सच्चे संत के क्या लक्षण हैं

सच्चे संत के क्या लक्षण हैं

पवित्र वेदों में सच्चे संत के क्या लक्षण हैं

यजुर्वेद अध्याय 19 मंत्र 25, 26 में लिखा है कि पूर्ण गुरु वेदों के अधूरे वाक्यों अर्थात् सांकेतिक शब्दों व एक चौथाई श्लोकों को पूरा करके विस्तार से बताएगा व तीन समय की पूजा बताएगा। ऐसा केवल पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज ही कर रहे हैं। तत्वदर्शी सन्त वह होता है जो वेदों के सांकेतिक शब्दों को पूर्ण विस्तार से वर्णन करता है जिससे पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति होती है वह वेद के जानने वाला कहा जाता है।- यजुर्वेद अध्याय 19 मन्त्र 25 सच्चे संत के क्या लक्षण हैं

सच्चे संत के क्या लक्षण हैं

पवित्र गीता जी में सच्चे संत के क्या लक्षण हैं

पूर्ण गुरु की पहचान श्री मद्भागवत गीता जी अध्याय 15 श्लोक 1 – 4, 16, 17 में कहा गया है जो संत इस संसार रूपी उल्टे लटके हुए वृक्ष के सभी विभाग बता देगा वह पूर्ण गुरु/सच्चा सद्गुरु है। यह तत्वज्ञान केवल पूर्ण संत रामपाल जी महाराज ही बता रहे हैं। पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लें, अपना कल्याण कराएं। कबीर परमात्मा ने अपने शिष्य धर्मदास को बताया कि जो मेरा संत सतभक्ति मार्ग को बताएगा उसके साथ सभी संत व महंत झगड़ा करेंगे यह उसकी पहचान होगी।जो मम संत सत उपदेश दृढ़ावे।वाके संग सभी राड बढ़ावे।।यह सब बातें सच्चे सतगुरु रामपाल जी महाराज पर ही खरी उतरती हैं।

पवित्र कबीर सागर में सच्चे संत के क्या लक्षण

पूर्ण गुरु की पहचान पूर्ण संत तीन प्रकार के मंत्रों को तीन बार में उपदेश करेगा जिसका वर्णन कबीर सागर ग्रंथ पृष्ठ 265 पर बोध सागर में मिलता है। गीता जी के अध्याय 17 श्लोक 23 व सामवेद संख्या 822 में मिलता है। संत रामपाल जी महाराज ही वह पूर्ण संत हैं जो तीन प्रकार के मंत्रों  का तीन बार में उपदेश करते हैं। जन्म-मरण का दीर्घ रोग सत्य नाम व सारनाम बिना समाप्त नहीं हो सकता। ये सत्य मंत्र केवल पूर्ण संत रामपाल जी महाराज जी ही प्रदान करते हैं। उनसे नाम उपदेश लें और मोक्ष प्राप्त करें। पूर्ण संत की पहचान होती है कि वर्तमान के धर्म गुरु उसके विरोध में खड़े होकर राजा व प्रजा को गुमराह करके उसके ऊपर अत्याचार करवाते हैं।

पवित्र कुरआन में सच्चे संत के क्या लक्षण

कुरान में पूर्ण गुरु की पहचान कुरान ज्ञान दाता हजरत मुहम्मद जी को कहता है कि उस अल्लाह की जानकारी किसी बाख़बर इल्मवाले संत से पूछो। वह बाख़बर इल्मवाले संत रामपाल जी महाराज हैं जो अल्लाह की सम्पूर्ण जानकारी रखते हैं। पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लें, अपना कल्याण कराएं। सच्चे संत के क्या लक्षण हैं

श्री गुरू ग्रंथ साहिब में सच्चे संत के क्या लक्षण 

श्री नानक देव जी की वाणी में पूर्ण गुरु की पहचान “जै पंडित तु पढि़या, बिना दुउ अखर दुउ नामा। प्रणवत नानक एक लंघाए, जे कर सच समावा।गुरु नानक जी महाराज अपनी वाणी द्वारा समाझाना चाहते हैं कि पूरा सतगुरु वही है जो दो अक्षर के जाप के बारे में जानता है। गुरु नानक देव जी की वाणी में प्रमाण:–चहऊं का संग, चहऊं का मीत, जामै चारि हटावै नित। मन पवन को राखै बंद, लहे त्रिकुटी त्रिवैणी संध। पूर्ण सतगुरु वही है जो तीन बार में नाम दे और स्वांस की क्रिया के साथ सुमिरण का तरीका बताए। तभी जीव का मोक्ष संभव है।

संत गरीब दास जी की अमृतवाणी में
सतगुरु की पहचान संत गरीबदास जी की वाणी में -”सतगुरु के लक्षण कहूं, मधुरे बैन विनोद। चार वेद षट शास्त्र, कहै अठारा बोध।।“पूर्ण संत चारों वेदों, छः शास्त्रों, अठारह पुराणों आदि सभी ग्रंथों का पूर्ण जानकार होगा। अर्थात् उनका सार निकाल कर बताएगा। सभी सद्ग्रन्थों का सार केवल पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज  जी ने ही बताया है।
भविष्यवाणी में सच्चे संत के क्या लक्षण हैं
प्रसिद्ध भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी में पूर्ण सन्त का प्रमाण नास्त्रेदमस ने कहा है कि सन् 2006 में एक हिन्दू संत प्रकट होगा अर्थात् संसार में उसकी चर्चा होगी। वह संत न तो मुसलमान होगा, न वह इसाई होगा वह केवल हिन्दू ही होगा। उस द्वारा बताया गया भक्ति मार्ग सर्व से भिन्न तथा तथ्यों पर आधारित होगा। यह भविष्यवाणी केवल संत रामपाल जी महाराज जी पर ही खरी उतरती है।

आशा करता हूं ये जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी अधिक जानने के लिए पढ़िए पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा धन्यवाद 

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