गुरांसा रा शरणों में मैं जावो lyrics

गुरांसा रा शरणों में मैं जावो lyrics

 ( श्री सन्त कबीर जी की वाणी )

गुरांसा रा शरणों में मैं जावो, अर्न्तयामी जी रा शरणों में मैं जावो ।
मैं तो रामजी रा तन धन पावाजी रे लोय ॥ ढेर ॥

अड़सठ तीर्थं मारे गुराजी रे शरणे ।
मैं तो घरे बैठा गंगा न्हावा जी रे लोय ॥ 1 ॥

गुरांसा रा शरणों में मैं जावो lyrics

नेम धर्म री मैं जहाज बणासो ।
मैं तो भवसागर तर जावांजी रे लोय ॥ 2 ॥

तन मन धन सब अर्पण करसो ।
मैं तो शीश रो नारेल चढ़ावांजी रे लोय ॥ 3 ॥

गुरांसा रा शरणों में मैं जावो lyrics

कहत कबीर साहब सुणो भाई साधु ।
मैं तो शरण पड़त फल पावांजी रे लोय ॥ 4 ॥

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(1) पेला पेला देवरे गजानंद सिमरो (2) मैं थाने सिमरु गजानंद देवा (3) सन्तो पूजो पांचोहि देवा (4) गणपत देव रे मनाता (5) मनावो साधो गवरी रो पुत्र गणेश (6) सन्तो मैं बाबा बहुरंगी (7) सन्तो अविगत लिखीयो ना जाई (8) अब मेरी सुरता भजन में लागी (9) अब हम गुरु गम आतम चीन्हा (10) काया ने सिणगार कोयलिया (11) मत कर भोली आत्मा (12) जोगीड़ा ने जादू कीन्हो रे (13) मुसाफिर मत ना भटके रे (14) गिगन में जाए खड़ी प्रश्न उत्तर वाणी (15) जिस मालिक ने सृष्टि रचाई (16) बर्तन जोये वस्तु वोरिए (17) गुरु देव कहे सुन चेला (18) संतो ज्ञान करो निर्मोही (19) मोक्स का पंथ है न्यारा (20) गुरुजी बिना सुता ने कूण जगावे (21) केसर रल गई गारा में (22) पार ब्रह्म का पार नहीं पाया (23) आयो आयो लाभ जन्म शुभ पायो (24) इण विध हालो गुरुमुखी (25) आज रे आनंद मारे सतगुरु आया पावणा (26) मारे घरे आजा संत मिजवान (27) गुरु समान दाता जग में है नहीं (28) बलिहारी गुरुदेव आपने बलिहारी (29) गुरु बिन घोर अंधेरा (30) भोली सी दुनिया सतगरु बिन कैसे सरिया

 

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