कबीर साहेब की उत्पत्ति कैसे हुई

कबीर साहेब की उत्पत्ति कैसे हुई ’’नीरू-नीमा को कबीर परमात्मा की लहरतारा सरोवर में प्राप्ति‘‘ कबीर साहेब की उत्पत्ति कैसे हुई ज्येष्ठ मास की शुक्ल पूर्णमासी विक्रमी संवत् 1455 (सन्…

लोक देवता बाबा रामदेव जी का इतिहास

लोक देवता बाबा रामदेव जी का इतिहास राजस्थान के लोक देवताबाबा रामदेवजी बाबा रामदेव उंडू कश्मीर (बाड़मेर) : संपूर्ण राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में तथा पाकिस्तान में…

कबीर गोरख ज्ञान गोष्ठी । गोरख कबीर संवाद । कबीर गोरख ज्ञान चर्चा

कबीर गोरख ज्ञान गोष्ठी साहेब कबीर व गोरख नाथ की गोष्ठी एक समय गोरखनाथ (सिद्ध महात्मा) काशी (बनारस) में स्वामी रामानन्द जी (जो साहेब कबीर के गुरु जी थे) से…

भगवान की परिभाषा क्या है । कौन तथा कैसा है परमेश्वर ?

भगवान की परिभाषा क्या है कौन तथा कैसा है परमेश्वर ? जिन-जिन पुण्यात्माओं ने परमात्मा को प्राप्त किया उन्होंने बताया कि कुल का मालिक एक है। वह मानव सदश तेजोमय…

Chanakya Niti Ki Baten Chanakiye Ke Marmik Vichar

Chanakya Niti Ki Baten चाणक्य के 15 अमर वाक्य 1) दुनिया की सबसे बड़ी ताकत पुरुष का विवेक और महिला की सुन्दरता है। 2) हर मित्रता के पीछे कोई स्वार्थ…

Geeta Ka Gyan Kisne Diya Gita Vala Kal Kaun Hai

Geeta Ka Gyan Kisne Diya पवित्र गीता जी का ज्ञान किसने दिया   📙अध्याय 11 श्लोक 32 में पवित्र गीता बोलने वाला प्रभु कह रहा है कि ‘अर्जुन मैं बढ़ा…

84 Lakh Yoniyan Kon Konsi Hain Sampurn Varnan

 84 lakh yoniyan kon konsi hain क्या सचमुच 84 लाख योनियों में भटकना होता है? हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार जीवात्मा 84 लाख योनियों में भटकने के बाद मनुष्य…

Aaranyak Muni Ki Katha

Aaranyak Muni Ki Katha आरण्यक मुनि राम नाम बिनु गिरा न सोहा। देखु बिचारि त्यागि मद मोहा॥ त्रेतायुगमें भगवान् श्रीरामका अवतार हुआ, उससे पहलेकी बात है। आरण्यक मुनि परमात्मतत्त्वको जानकर…

Kandu Muni Ki Katha || Bhaktmal Se Rachit

Kandu Muni Ki Katha कण्डु मुनि प्राचीन कालमें कण्डु नामक एक मुनि गोमती नदीके तीरपर एकान्त स्थानमें तपस्या करते थे। उनका तपोवन फूलों-फलोंसे भरे वृक्ष-लताओंसे बड़ा ही सुहावना था। वहाँ…

Raja Shankh Ki Katha || Agastya Rishi Or Raja Shankh

Raja Shankh Ki Katha राजा शङ्ख की कथा Raja Shankh हयवंशके नीतिज्ञ, प्रजावत्सल धर्मात्मा राजा शङ्ख सदा अपने मनको भगवान्में लगाये रहते थे। वे राजा श्रुताभिधानके पुत्र थे। धर्मपूर्वक प्रजाका…