पंचतन्त्र की रचना कैसे हुई विष्णु शर्मा और तीन राजकुमार बहुत समय पहले अमरशक्ति नामक एक राजा थे। वे महिरोप्यम नामक राज्य पर राज कर थे। उसके तीन बेटे थे…
दादूजी महाराज के दोहे साखीयां दादू साहिब जी महाराज ने बड़े ही गूढ़ रहस्यों को अपने दोहे की रचनाओं के गूढ़ रहस्यों को गागर में सागर के समान बहुत ही सुंदर…
कवि हरदयाल जी के दोहे श्री श्री सारुक्तावली सुभाषित ग्रन्थ प्रारम्भ मित्रों यह सारुक्तावली अर्थात सभाजीत ग्रंथ के बहुत ही मार्मिक गूढ़ रहस्य से भरपूर दोहे छंद सवैया कवित आदि…
रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है आत्मा और परमात्मा का बंधन ही असली रक्षा का बंधन हैइसलिए हमें आत्मा को पूर्ण परमात्मा कबीर जी से जोड़ना चाहिए जो हमारी सभी प्रकार…
भक्ति बनाम सत भक्ति 🔅परमात्मा की सतभक्ति मर्यादा में रहकर करने से कैंसर, एड्स जैसी बीमारी भी ठीक होती हैं। 🔅सतभक्ति करने वाले की पूर्ण परमात्मा आयु बढ़ा सकता है…
गुरु पूर्णिमा का महत्व गुरु पूर्णिमा पर विशेष ज्ञान नमस्कार दोस्तों गुरु पूर्णिमा पर्व को मनाने से पूर्व मेरी आप सभी से करबद्ध प्रार्थना है कि यह मनुष्य जन्म बार-बार नहीं…
राजा इन्द्रधुम्न की कथा भक्त राजा इन्द्रधुम्न सत्ययुगकी बात है, मालवप्रदेशकी अवन्तिकापुरीमें इन्द्रद्युम्न नामसे प्रसिद्ध एक राजा राज्य करते थे। उनका जन्म सूर्यवंशमें हुआ था। वे ब्रह्माजीसे पाँच पीढ़ी नीचे…
भक्त हरिमेधा और सुमेधा की कथा भक्त हरिमेधा और सुमेधा प्राचीन कालकी बात है - काश्मीर देशमें हरिमेधा और सुमेधा नामके दो ब्राह्मण थे, जो सदा भगवान् विष्णुके भजनमें संलग्न…
मुद्गल ऋषि की कथा दक्षिण महासागरके तटपर परम पवित्र देवीपुरके समीप फुल्लग्रामके नामसे एक तीर्थस्थान है। वहींसे प्रारम्भ करके भगवान् श्रीरामचन्द्रजीने महासागरमें सेतु बाँधा था। पूर्वकालमें वहाँ वेदोक्त मार्गपर चलनेवाले…