Bhakt Pundrik Ki Katha Bhaktmal Ki Kathaen Dvara Rachit

Bhakt Pundrik Ki Katha भक्त पुण्डरीक स्मरण करनेपर, सन्तुष्ट करनेपर, पूजा करनेपर भगवान्का भक्त अनायास ही चाण्डालतकको भी पवित्र कर देता है।' पुण्डरीकजी ऐसे ही महाभागवत हो गये हैं। पुण्डरीकका…

Bhakt Bhadratanu Or Unke Guru Daant Ki Katha Bhaktmal Dvara Rachit

Bhakt Bhadratanu Or Unke Guru Daant भक्त भद्रतनु और उनके गुरु दान्त प्राचीन समयमें पुरुषोत्तमपुरीमें एक ब्राह्मण रहता था। उसका नाम था भद्रतनु। वह देखने में सुन्दर था और पवित्र…

मुनि उत्तंक की कथा

मुनि उत्तंक की कथा भक्त मुनि उत्तंक सठ सुधरहिं सत संगति पाई पारस परस कुधातु सुहाई॥ सौवीर नगरमें एक सुन्दर बगीचेमें भगवान् विष्णुका बड़ा ही भव्य मन्दिर था। उस बगीचेमें…

Aaranyak Muni Ki Katha

Aaranyak Muni Ki Katha आरण्यक मुनि राम नाम बिनु गिरा न सोहा। देखु बिचारि त्यागि मद मोहा॥ त्रेतायुगमें भगवान् श्रीरामका अवतार हुआ, उससे पहलेकी बात है। आरण्यक मुनि परमात्मतत्त्वको जानकर…

Kandu Muni Ki Katha || Bhaktmal Se Rachit

Kandu Muni Ki Katha कण्डु मुनि प्राचीन कालमें कण्डु नामक एक मुनि गोमती नदीके तीरपर एकान्त स्थानमें तपस्या करते थे। उनका तपोवन फूलों-फलोंसे भरे वृक्ष-लताओंसे बड़ा ही सुहावना था। वहाँ…

Raja Shankh Ki Katha || Agastya Rishi Or Raja Shankh

Raja Shankh Ki Katha राजा शङ्ख की कथा Raja Shankh हयवंशके नीतिज्ञ, प्रजावत्सल धर्मात्मा राजा शङ्ख सदा अपने मनको भगवान्में लगाये रहते थे। वे राजा श्रुताभिधानके पुत्र थे। धर्मपूर्वक प्रजाका…

अगस्त ऋषि की कथा

अगस्त ऋषि की कथा  महर्षि अगस्त ऋषि की कथा महर्षि अगस्त्य वेदोंके एक मन्त्रद्रष्टा ऋषि हैं। इनकी उत्पत्तिके सम्बन्धमें विभिन्न प्रकारकी कथाएँ मिलती हैं। कहीं मित्रावरुणके द्वारा वसिष्ठके साथ घड़ेमें…

बया और बंदर की कहानी

बया और बंदर की कहानी मूर्ख बन्दर को उपदेश दोस्तों एक समय की बात है एक बार एक जंगल में बया पक्षी और बंदर एक ही वृक्ष पर बैठे हुए…

Bhagat Cheta Mali Ki Kahani || Bhaktmal Dvara Rachit

Bhagat Cheta Mali Ki Kahani भक्त चेता माली की कथा चेता नामक एक माली था। घरमें स्त्री थी। लड़कावाला कोई न था। चार आने से अधिक की कमाई का काम…

Daku Bhagat Ki Kahani || Bhaktmal Dvara Rachit

Daku Bhagat Ki Kahani डाकू भगत की कथा पुराने जमाने की बात है। एक धनी गृहस्थके घर भगवत्कथा का बड़ा सुन्दर आयोजन हो रहा था। वैशाखका महीना, शुक्लपक्षकी रात्रि का…