पढ़ाई कैसे करें । विद्यार्थी के पांच लक्षण क्या है । अर्थ सहित

पढ़ाई कैसे करें आइए दोस्तों जानते हैं विद्या अध्ययन व शास्त्र अध्ययन के सर्वोत्तम उपादान कौन-कौन से हैं व हमारे जीवन में कितने उपयोगी सिद्ध होंगे आइए जानते हैं। पढ़ाई…

अन्नपूर्णा स्तोत्रम । भगवान शिव द्वारा की गई अनपुर्णा की स्तुति

अन्नपूर्णा स्तोत्रम संसार में सर्वप्रथम भिक्षा भगवान शिव ने माता अन्नपूर्णा जी से मांगी थी। और उन्होंने माता अन्नपूर्णा ईश्वरी की जो स्तुति की थी। आइए जानते हैं उसके बारे…

सगरामदास जी की कुंडलियां । सम्पूर्ण कुण्डलिया अर्थ सहित

सगरामदास जी की कुंडलियां कहे दास सगराम मनै यों अचरज आवै।मिनख कियो महाराज भले थूं काईं चावै।।कांई चावै है वले यों तो मनै बताय।राम नाम कहे रात दिन तेरा जन्म…

गुरु महिमा के दोहे । गुरू महिमा क्या है ? अर्थ सहित

गुरु महिमा के दोहे गुरु र ब्रह्मा गुरु र विष्णु गुरु र देवो महेश्वरम। गुरु र साक्षात पारब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नमः।। भावार्थः ब्रह्मा विष्णु महेश भी गुरु की महिमा…

भगवान को कैसे प्रसन्न करे || श्रीमद्भागवत गीता अनुसार

भगवान को कैसे प्रसन्न करे प्रस्तावना नमस्कार भक्त आत्माओं भगवान को कैसे प्रसन्न करें इस विषय में मैं आपके सामने कुछ संक्षिप्त ज्ञानवर्धक तथ्य रख रहा हूं जो कि आपके…

मंगलगिरी जी की कुंडलियां छंद टॉप 20 भक्ति रचनाएं

मंगलगिरी जी की कुंडलियां आइए दोस्तों जानते हैं मंगलगिरी महाराज की कुंडलियां इन्होंने अपने भक्ति भाव को कुंडलिक सरल भाषा में लिपिबद्ध किया है जो की बहुत ही सराहनीय है…

गोस्वामी समाज का इतिहास चार मठ बावन मढ़ी संपुर्ण परिचय

गोस्वामी समाज का इतिहास आइए पढ़ते है दशनाम नाम गोस्वामी समाज का परम पावन इतिहास जिसमें 4 मठ 52 मढ़िया और भी महावाक्य गोत्र, देवी देवता आदि आदि। गोस्वामी समाज…

Kapil Muni Ki Katha In Hindi || Sankhya Yog Ke Updeshta

Kapil Muni Ki Katha In Hindi महर्षि कपिल भगवान ही इस सृष्टि के आदि कारण है। वे सर्वेश्वर अपने संकल्प से ही इस जगत का विस्तार करते हैं और फिर…

कश्यप ऋषि की कथा || सुर नर दानव पशु पक्षी सर्प सिंह सब कश्यप गोत्रि है।

कश्यप ऋषि की कथा महर्षि कश्यप लोक पितामह रजोगुण भगवान ब्रह्मा जी ने ही इस मैथुनी सृष्टि को उत्पन्न किया है। सृष्टि की इच्छा से उन्होंने छह मानसिक पुत्र उत्पन्न…

महर्षि ऋभु की कथा || आत्मज्ञान और अधिकारी की पहचान

महर्षि ऋभु की कथा महर्षी ऋभु ब्रह्मा के मानस पुत्रो में से एक है। यह स्वभाव से ही ब्रह्मतत्वज्ञ तथा निवृत्ति परायण भक्त है। तथापि सद्गुरु मर्यादा की रक्षा के…