चार ब्राह्मणों की कहानी एक गांव में चार ब्राह्मण रहते थे। तीन ब्राह्मण हर वक्त किताबों को पढ़ते रहते थे और सारा वक्त ज्ञान अर्जित करने में लगाते थे। चौथा…
Mahrishi Maitray Ki Katha महर्षि मैत्रेय महर्षि मैत्रेय पुराणवक्ता ऋषि हैं। वे 'मित्र' के पुत्र होनेके कारण मैत्रेय कहाये। श्रीमद्भागवतमें इनके सम्बन्धमें इतना ही मिलता है कि ये महर्षि पराशरके…
Bhakt Padmanabh Ki Katha भक्त पद्मनाभ प्राचीन कालकी बात है। आजकल जहाँ श्रीबालाजीका मन्दिर है, वहाँसे थोड़ी दूर एक चक्रपुष्करिणी नामका तीर्थ था। उसके तटपर श्रीवत्सगोत्रीय पद्मनाभ नामके ब्राह्मण निवास…
Bhakt Ramanuj Ki Katha भक्त रामानुज दक्षिणमें रामानुज नामसे प्रसिद्ध एक जितेन्द्रिय ब्राह्मण थे। भगवान् विष्णुके चरणोंमें उनका अटूट अनुराग था। उन्होंने क्रमशः ब्रह्मचर्य और गृहस्थ आश्रमको पार करके वानप्रस्थमें…
Bhakt Bhadramati Ki Katha भक्त भद्रमती प्राचीनकालमें भद्रमति नामसे प्रसिद्ध एक श्रेष्ठ ब्राह्मण हो गये हैं। वे बड़े विद्वान् और नि:स्पृह थे। उन्होंने एक समय यह उद्गार प्रकट किया था…
Ramkrishna Muni Ki Katha भक्त रामकृष्ण मुनि यह मनुष्य-जीवन बड़ा दुर्लभ है। इसकी प्राप्ति संसारका सुख भोगनेके लिये नहीं, भगवान को प्राप्त करके संसार-बन्धनसे मुक्त हो जानेके लिये ही हुई…
jadbharat ki katha महात्मा जड़भरत जी प्राचीन कालमें भरत नामके एक महान् प्रतापी एवं भगवद्भक्त राजा हो गये हैं, जिनके नामसे यह देश 'भारतवर्ष' कहलाता है। अन्त समयमें उनकी एक…
भक्त मंकणक की कथा शिवभक्त मंकणक पुण्यसलिला सरस्वती नदीके किनारे एक परम तपस्वी मंकणक नामके ब्राह्मण रहते थे। एक दिनकी बात है, अपने नित्य-नैमित्तिक कर्मके लिये कुश लाते समय कुशकी…
शिवभक्त उपमन्यु की कथा शिवभक्त उपमन्यु भक्तराज उपमन्यु परम शिवभक्त, वेदतत्त्वके ज्ञाता महर्षि व्याघ्रपादके बड़े पुत्र थे। एक दिन उपमन्युने मातासे दूध माँगा। घरमें दूध था नहीं। माताने चावलोंका आटा…