चार ब्राह्मणों की कहानी एक गांव में चार ब्राह्मण रहते थे। तीन ब्राह्मण हर वक्त किताबों को पढ़ते रहते थे और सारा वक्त ज्ञान अर्जित करने में लगाते थे। चौथा…
84 lakh yoniyan kon konsi hain क्या सचमुच 84 लाख योनियों में भटकना होता है? हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार जीवात्मा 84 लाख योनियों में भटकने के बाद मनुष्य…
Shivbhakt Mahakal Ki Katha शिवभक्त महाकाल प्राचीनकालमें वाराणसी नगरीमें माण्टि नामके एक महायशस्वी ब्राह्मण रहते थे। वे शिवजीके बड़े भक्त थे और सदा शिवमन्त्रका जप किया करते थे। प्रारब्धवश उनके…
hShivbhakt Vaishvanar Ki Katha शिवभक्त वैश्वानर प्राचीन कालमें पुण्यसलिला नर्मदाके पावन तटपर नर्मपुर नामक एक अति रमणीय छोटा-सा गाँव था। उसमें विश्वानर नामक एक पुण्यात्मा ब्रह्मचारी रहत थे। उनके मुखपर…
'जिसके ललाटपर (भाग्यमें) मृत्यु-ये दो अक्षर (निश्चित मरण) लिखे हैं, वह समस्त क्लेश देनेवाले पाप कैसे करता है। कुरुक्षेत्रमें एक ब्राह्मण पुण्डरीक और एक क्षत्रिय अम्बरीष रहते थे। दोनोंमें बड़ी…
Mahrishi Mudgal Ki Katha महर्षि मुद्गल मुद्गल नामक ऋषि कुरुक्षेत्रमें रहते थे। ये बड़े धर्मात्मा, जितेन्द्रिय, भगवद्भक्त एवं सत्यवक्ता थे। किसीकी भी निन्दा नहीं करते थे। बड़े कर्मनिष्ठ एवं महात्मा…
Mahrishi Sharbhang Ki Katha महर्षि शरभङ्ग तपोभूमि दण्डकारण्य-क्षेत्रमें अनेकानेक ऊर्ध्वरेता ब्रह्मवादी ऋषियोंने घोर तपस्याएँ की हैं। कठिन योगाभ्यास एवं प्राणायामादि द्वारा संसारके समस्त पदार्थोंसे आसक्ति, ममता, स्पृहा एवं कामनाका समूल…
Sutikshna Muni Ki Katha सुतीक्ष्ण मुनि राम सदा सेवक रुचि राखी। बेद पुरान संत सब साखी॥ महर्षि अगस्त्यके शिष्य सुतीक्ष्णजी जब विद्याध्ययन कर चुके, तब गुरुदेवसे उन्होंने दक्षिणाके लिये प्रार्थना…
Bhakt Pundrik Ki Katha भक्त पुण्डरीक स्मरण करनेपर, सन्तुष्ट करनेपर, पूजा करनेपर भगवान्का भक्त अनायास ही चाण्डालतकको भी पवित्र कर देता है।' पुण्डरीकजी ऐसे ही महाभागवत हो गये हैं। पुण्डरीकका…
Bhakt Bhadratanu Or Unke Guru Daant भक्त भद्रतनु और उनके गुरु दान्त प्राचीन समयमें पुरुषोत्तमपुरीमें एक ब्राह्मण रहता था। उसका नाम था भद्रतनु। वह देखने में सुन्दर था और पवित्र…