सगरामदास जी की कुंडलियां कहे दास सगराम मनै यों अचरज आवै।मिनख कियो महाराज भले थूं काईं चावै।।कांई चावै है वले यों तो मनै बताय।राम नाम कहे रात दिन तेरा जन्म…
मंगलगिरी जी की कुंडलियां आइए दोस्तों जानते हैं मंगलगिरी महाराज की कुंडलियां इन्होंने अपने भक्ति भाव को कुंडलिक सरल भाषा में लिपिबद्ध किया है जो की बहुत ही सराहनीय है…