सगरामदास जी की कुंडलियां । सम्पूर्ण कुण्डलिया अर्थ सहित

सगरामदास जी की कुंडलियां कहे दास सगराम मनै यों अचरज आवै।मिनख कियो महाराज भले थूं काईं चावै।।कांई चावै है वले यों तो मनै बताय।राम नाम कहे रात दिन तेरा जन्म…