पार ब्रह्म का पार नहीं पाया lyrics

पार ब्रह्म का पार नहीं पाया lyrics  (सपर्ग लोक में शोभा उणरी-2) पार ब्रह्म का रे पार नहीं पाया ओ तो अपरम ऊल्टो चढ़ै मेरे रामा अपरम उल्टो चढ़ै ए…ओ…जी…हा……