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Vedvyas Ji Ki Katha i Bhaktmal Dvara Rachit Pauranik Katha वेदव्यास जी की जन्म कथा
Vedvyas Ji Ki Katha महर्षि वेदव्यास जी स वै पुंसां परो धर्मो यतो भक्तिरधोक्षजे।अहैतुक्यप्रतिहता ययाऽऽत्मा सम्प्रसीदति॥(श्रीमद्भा० १।२।६) 'इन्द्रियातीत परमपुरुष भगवान्में वह निष्काम एवं निर्बाध भक्ति हो, जिसके द्वारा वे आत्मस्वरूप…